Friday, 10 November 2017

बाप बेटी का अजूबा संवाद 
  बाप जिन्ना    बेटी डायना थी
अब्बाजान शिया मुसलमान मोहम्मद अली जिन्ना ने अपनी बेटी डायना से कहा - बेटी हिन्दुस्तान में लाखों मुसलमान लड़के हैं। तुम क्यों पारसी से शादी करने पर आमादा हो ? बेटी डायना ने अब्बाजान से कहा - अब्बाजान, मैं तो आपके बताये रास्ते पर चल रही हूँ। जब आपने मेरी मां से जो पारसी थीं उनसे शादी की तब भी हिन्दुस्तान में लाखों मुस्लिम कन्यायें थीं, आपको पारसी कन्या क्यों पसंद आयी ? विवाह करना तो लड़के लड़की की अपनी अपनी पसंद का सवाल है। मैं उन्नीस वर्ष की लन्दन में जन्मी जवान लड़की हूँ मुझे मंुबई बहुत प्यारा लगता है। 16 नवंबर 1938 के दिन डायना ने मालाबार हिल्स के आल सेंट्स चर्च में सर नेस और लेडी वाडिया के इकलौते बेटे महाशय नेविले से शादी की। सर नेस और लेडी वाडिया जो कोलाबा के मशहूर पारसी खानदानी थे, आल सेंट्स चर्च में संपन्न विवाह में सम्मिलित नहीं हुए क्योंकि बेटे ने मां बाप की इच्छा के विरूद्ध डायना को अपना जीवनसाथी चुना था। 
डायना का मालाबार हिल्स में स्थित जिन्ना निवास को अंग्रेजी राज द्वारा जिन्ना हाउस कहना पसंद नहीं था। डायना का सोचना था कि जहां उसके पिता कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना ने अपनी जिन्दगी बितायी थी उस भवन का असली नाम साउथ कोर्ट था। डायना उस मकान को साउथ कोर्ट कहना ज्यादा पसंद करती हैं क्योंकि मोहम्मद अली जिन्ना की वारिस केवल डायना है। मोहम्मद अली जिन्ना की सगी बहन फातिमा - डायना की बुआ का कोई हकहकूक मालाबार हिल्स के साउथ कोर्ट जिसे अंग्रेजी सरकार हिन्द में वैमनस्य फैलाने के नजरिये से उस हवेली को जिन्ना हाउस कह कर पुकारते थे। डायना को यह बात कतई मंजूर नहीं थी कि साउथ कोर्ट को जिन्ना हाउस कहा जाये। मोहम्मद अली जिन्ना उनकी पारसी पत्नी के दिवंगत होने के पश्चात हवेली पर डायना का पैतृक संपत्ति पर हक बनता है। डायना न तो मुसलमान है न ही इस्लाम धर्म के प्रति डायना का कोई आकर्षण है, वह अपने आपको हिन्दुस्तानी मानती हैै। 28 अप्रेल 1947 के दिन डायना ने अपने पिता मोहम्मद अली जिन्ना को लिखा - मुझे गर्व है, खुशी है आपने पाकिस्तान निर्मित करने के लिये अपना जीवन लगाया। पिता के जिन्दा रहने तक डायना कभी  पाकिस्तान नहीं गयी। 1948 में जब मोहम्मद अली जिन्ना दिवंगत हुए डायना ने कराची पहुंच कर सितंबर 1948 में अपने पिता के मकबरे पर जाकर दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि दी। 2004 में डायना फिर कराची पहुंची और मोहम्मद अली जिन्ना केे मकबरे पर गयी। आशा व्यक्त की कि उसाके पिता जैसा मुल्क चाहते थे पाकिस्तान वैसा बने। लेखिका महाशया शीला रेड्डी ने अपनी पुस्तक ‘मिस्टर व मिसेज जिन्ना - दि मैरिसेज दैट शुक इंडिया’ मिस्टर जिन्ना की शादी ने हिन्द की चूलें हिला कर रख दीं। मुल्क का बटवारा तो जर्मनी का भी दूसरे विश्वयुद्ध के पश्चात हुआ। रूस सहित जो जो राष्ट्र अपने आप को मित्र राष्ट्र कहते थकते नहीं थे उन्हें हर्र हिटलर की नाजी शादी से नफरत नहीं थी इसलिये जर्मनी बंट गया पर राजनीतिक उसूलों पर बंटा हुआ जर्मनी सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक आफ रसिया के चौहत्तर वर्ष पश्चात बिखर जाने से बंटे हुए जर्मनी को एक राष्ट्र बनने का सुअवसर मिला। जर्मनी एक ईसाई धर्मावलंबी राष्ट्र था। रोमन कैथलिकों के बजाय जर्मनी के ज्यादातर ईसाई प्रोटेस्टेंट थे याने सुधारवादी, परिवर्तन के आकांक्षी थे जबकि भारत विभाजन जो बर्तानी शासकों की फूट डालो राज करो के हामी थे। एक हजार वर्ष के इस्लामी सल्तनत के बावजूद भारत में अंग्रेजों के आने से पहले तक हिन्दू मुस्लिम विद्वेष तीव्र नहीं था। हिन्दू मुस्लिम विद्वेष को उग्र तीव्रता देने का काम अंग्रेजी राज ने किया। हिन्दू मान्यता है कि राजा महाविष्णु का अवतार है। राजा हिन्दू हो या और कोई हर हिन्दुस्तानी राजा को महाविष्णु का अंश मानता है। 
एक वकील के तौर पर लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का मुकदमा मोहम्मद अली जिन्ना ने लड़ा और बर्तानी सरकार के छक्के छुड़वा दिये। मुंबई हाईकोर्ट में मोहम्मद अली जिन्ना और कन्हैयाा लाल माणिक लाल मुंशी दो गुजराती भाषी वकील थे। एक दूसरे के प्रशंसक भी थे पर दोनों केे रास्ते जुदा जुदा थे। कन्हैया लाल माणिक लाल मुंशी वकील होने के समानांतर हिन्द के सनातन धर्म के उत्कृष्ट पैरोकार थे। दूसरी ओर मोहम्मद अली जिन्ना ने हिन्दू मुस्लिम बिखराव का रास्ता अपनाया और अंततोगत्वा पाकिस्तान सृजन की इस्लामी यशस्विता अर्जित कर डाली। मोहम्मद अली जिन्ना उनकी भगिनी फातिमा और अब्बाजान मोहम्मद अली जिन्ना के साथ निर्भया नाडिया जिन्ना कन्या का जन्म लंदन में 15 अगस्त 1919 को हुआ। गणनात्मक संदेह होता है कि क्या 15 अगस्त 1919 को लंदन में जन्मी डायना जिसने उन्नीस वर्ष की उम्र में मुंबई के रईस पारसी से विवाह रचाया लेखिका शीला रेड्डी नुस्ली की मां की मृत्यु गुरूवार 2 नवंबर 2017 को अठानबे वर्ष की उम्र में होना उल्लेख करती हैं। अंततोगत्वा हिन्द के मुसलमानों के लिये अलग मुल्क बनाने के हामी मोहम्मद अली जिन्ना थे तो हिन्दुस्तानी मुसलमान उनकी शादी पारसी धर्मावलंबी महिला से हुई। संभवतः वह शादी इस्लामी निकाहनामा नहीं थी बल्कि सिविल मैरिज थी। सवाल उठता है कि गुरूवार 2 नवंबर 2012 को संयुक्त राज्य अमरीका में किसकी मृत्यु हुई ? क्या मरने वाली महिला मिसेज मोहम्मद अली जिन्ना थीं ? या डायना जो 15.8.1919 को लंदन में जन्मी वह थी ? पाकिस्तान को रास्ते पर लाने का एक सुनहरा मौका हिन्द को मिला है। शीला रेड्डी की पुस्तक ने गुरूवार 2 नवंबर 2017 को न्यूयार्क में किसकी मौत हुई ? मां मिसेज जिन्ना या बेटी डायना ? इस उलझे हुए सवाल का समाधान भारत सरकार कर सकती है। मोहम्मद अली जिन्ना सिविल मैरिजेज प्रकरण हिन्द की लोकतांत्रिक सरकार के लिये एक बहुत बड़ा मौका है जिससे पाकिस्तान की नपाई तत्काल हो सकती है। वह डायना का संकल्प है, डायना अपने निजत्व (प्राइवेसी) की भी सुरक्षा की पक्षधर है। डायना मोहम्मद अली जिन्ना के मालाबार हिल्स वाले आवास हवेली को जिन्ना हाउस कहने के एकदम खिलाफ है। उनका कहना है कि जहां उनके अब्बाजान जिन्दगी भर रहे उस हवेली का असली नाम साउथ कोर्ट है। हिन्द की सरकार को मोहम्मद अली जिन्ना के मालाबार हिल्स वाले आवास हवेली को शत्रु (देश) संपदा घोषित करने के बजाय इस प्रसंग को डायना उनके वंशधर जो मालाबार हिल्स की जिन्ना हवेली के कानूनी वारिस हैं उनके पक्ष को उजागर करने व पाकिस्तान की असलियत दुनियां के सामने रखने के लिये 1931 की जनगणना अनुसार सिंध, क्वेटा बलूचिस्तान, सीमाप्रांत, अविभाजित भारत का पंजाब प्रांत तथा बंगाल असेंबली ने जून 1947 में हिन्द से नाता तोड़ने वाला जो असेंबली प्रस्ताव पास किया इन सभी को एक साथ मिला कर बंग भंग तथा हिन्दुस्तान का बटवारा करने वाली ब्रिटिश पार्लमेंट केे इंडियन इंडिपेंस एक्ट की नये सिरे से समीक्षा कर हिन्द की सरकार पाकिस्तान व बंगला देश संबंधी ऐतिहासिकताओं के जरिये जिस तरह इंदिरा गांधी ने  बंगला देश की स्थापना में मदद की सिंध सीमाप्रांत तथा पंजाब की मुस्लिम आबादी को एक दूसरे के विरूद्ध खड़ा करने का सुअवसर भारत को मिल रहा है। चीन जो चाइना पाकिस्तान इकानामिक कारिडोर हिमालय के उत्तर में अवस्थित वामे दुनियां जिसे सिंनिकिनोज भी कहा जाता है जहां की जनसंख्या मुस्लिम बहुल है वहां से बलूचिस्तान के गादर तक जो गलियारा चीन संकल्पित कर रहा है यदि चीन व पाक संबंधों में नयी खटास आगयी सी.पी.ई.सी. आर्थिक गलियारा धरा का धरा रह जायेगा, अगर यह साबित हो जाता है कि गुरूवार 2 नवंबर 2011 के दिन दिवंगत होने वाली शख्सियत मिसेज मोहम्मद अली जिन्ना की है। यह जानना जरूरी है कि मोहम्मद अली जिन्ना की शादी पारसी धर्मावलंबी महिला से कब हुई ? शादी के समय मोहम्मद अली जिन्ना की उम्र कितनी थी ? मिसेज मोहम्मद अली जिन्ना की शादी की समय उम्र क्या थी ? महाशया शीला रेड्डी ने जो रहस्योद्घाटन किया है उनकी पुस्तक मैरिजेज व्हिच शुक इंडिया एक ऐसी शादी जिसने हिन्द की चूलें हिला डाली हिन्दुस्तान को आमूलचूल डरावनी हालात तक पहुंचा डाला। भारतीय विदेश मंत्रालय पुनर्वाचन कर वस्तुस्थिति से मंत्रिमंडल को अवगत कराया जाये। मोहम्मद अली जिन्ना की कन्या डायना हिन्द को पाकिस्तान की असलियत से परिचित करा सकती है। जो शंकायें तथा घटनाओं संबंधी धारणायें व्याप्त हैं उन्हें मिला कर एक साथ देखने का स्वर्णिम अवसर प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदरदास मोदी को मिला है। 1947 में पश्चिम पाकिस्तान पूर्व पाकिस्तान दो मुस्लिम राष्ट्र मिल कर पाकिस्तान बने थे। आजादी के पिचहत्तर वर्ष पश्चात 15 अगस्त 2022 तक सिंध पंजाब सीमाप्रांत क्वेटा बलूच तथा पूर्व में बंगला देश मिला कर एक पाकिस्तान के बजाय पांच राज्य सिंध सीमाप्रांत पंजाब क्वेटा बलूच व बंगला देश भारत के पूर्व व पश्चिम में पांच मुस्लिम जनसंख्या बहुल राष्ट्र राज्य स्थापित करने में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। देखते रहिये सीपीईसी गलियारा वाले पाकिस्तान में आने वाले पांच वर्षों में क्या क्या गुल खिलते हैं। सचाई सामने आने ही वाली है केवल सतर्क रहने की जरूरत है। नरेन्द्र दामोदरदास मोदी का गुरूमंत्र सबका साथ सबका विकास आधुनिक भारत का लक्ष्य है। ऐसा लगता है कि चीन के राजदूत के प्रति पाकिस्तान में घृणा व्याप्त है। यदि कहीं किसी मनचले ने चीन के राजदूत को झकझोर डाला या मार डाला तो चीन पाक के एकदम खिलाफ हो जायेगा। ऐसी दुर्घटना चीन पाक संबंधों में नया मोड़ लाकर पाक चीन का जानी दुश्मन भी बन सकता है। 
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